रविवार, 3 मई 2009

'आई लव सेक्स' वाया औरकुट कथा

चंडी भाई के औरकुट प्रोफाइल में इस समय मित्रों की संख्या १५० है। लेकिन अब चंडी भाई का प्रोफाइल उनका नहीं रहा. उस पर किसी 'सेफाली आई लव सेक्स' का कब्जा हो गया है. तथाकथित सेफाली ने वहां अपना परिचय इन शब्दों में दिया है। 'Hi Guys i am Shefali i love sexif you want to sex chat with me then join on my site for joing relogin orkut in
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अब चंडी भाई के माध्यम से आप सबकों सतर्क रहने की सलाह ही दी जा सकती हैं. वरना हो सकता है कल आपके साथ यह हो जाए। चंडी भाई का दर्द उन्ही के शब्दों में-
आरकुट के सभी मित्रों...आप सबको मेरा आदर...स्नेह और प्रेम....(भइया...जिससे जैसा परिचय, सीनियार्टी-जूनियार्टी वाला रिश्ता हो...उस हिसाब से ग्रहण करें, बिना बुरा मानें और मुंह बिचकाए।). पिछले दिनों यकायक 25 जुलाई को जब मैंने अपनी स्क्रैपबुक ओपेन की, तो पता चला कि एकाधिक मित्रों ने जन्मदिन की बधाई भेजी है...मैं चौक गया...ये क्या कमाल हुआ...मित्रों....मेरा ऑफिशियल यानी मार्कशीट वाला जन्मदिन तो 31 मार्च को होता है और जैसा कि पिता जी ने बताया है, रियल बर्थडे 15 अगस्त को होता है...खैर...मैंने प्रोफाइल चेक किया तो पता चला कि उसकी पूरी तरह दुर्गति हो चुकी है. ब्राजील की किसी महिला...पता नहीं सच में ब्राजीलवासी की ही करतूत है या फिर किसी दिल्ली, नोएडा, गोंडा वाले का कारनामा है...ने मेरी प्रोफाइल का सत्यानाश करके मेरा जेंडर चेंज कर दिया है. न सिर्फ जेंडर चेंज किया है, बर्थडे से लेकर बाकी सब प्रोफाइल का भी कचूमर कर दिया है...पता नहीं कौन-कौन से सेक्सी लिंक दे दिए हैं और मेरा नाम भी सेक्स रख दिया....बप्पा को पता चले तो मेरी हड्डी ही तोड़ दें। पता नहीं, कैसे समझने लगे हैं कि उनका लाडला ऐसा-वैसा काम कर सकता है. ख़ैर, उनसे कम डर अपनी बीवी और जान-ए-तमन्नाओं से भी नहीं है, जिनके सामने बहुत मेहनत कर साफ-सुथरी इमेज बनाई है.ख़ैर...ऑरकुट से मन पूरी तरह भर गया है, बल्कि खट्टा हो चुका है, इस घटना के बाद. अब मैं अपना ये एकाउंट कभी एक्सेस नहीं करूंगा. वैसे भी, ऑरकुट पहले भी एक बार धोखा दे चुका है...एक पुराने एकाउंट पर किसी साथी ने मैसेज किया, जो मैं खोल ही नहीं सका और जीवन में एक बड़ी कालिख पुत गई....इसका जिक्र मेरे उस उपन्यास में होगा, जिसे मैं पता नहीं कितने दशक बाद लिख पाऊंगा...
अब फेसबुक पर जा रहा हूं. अच्छी कम्युनिटी साइट है...मुझे तो खैर बहुत अच्छी और सेक्योर भी लगी...आप सबको भी न्योता भेज रहा हूं. कृपया मुझे वहीं पर ज्वाइन ज़रूर करें....हां इसके लिए आपको 5-7 मिनट का टाइम ज़रूर लगेगा...फेसबुक पर एकाउंट बनाने में...तो लिंक है...http://www.facebook.com/home.php?#/profile.php?id=644246973&ref=profile. आप जैसे ही इस लिंक पर क्लिक करेंगे या करेंगी, तो फेसबुक लॉगिन करने या रजिस्टर्ड करने का ऑप्शन देगा. आप औपचारिकता पूरी करने के साथ ही मेरी प्रोफाइल पर आ जाएंगे और चाहें तो मुझे दोस्त बना लीजिएगा. वैसे, आरकुट या फेसबुक ना सही...हमारी दोस्ती, साथ तो हरदम रहेगा ही...मेरा मोबाइल नंबर पहले की तरह 09350808925 है ही. बाकी चलता हूं साथी भरे मन के साथ...बहुत दिन तक साइबर वर्ल्ड को लेकर इधर-उधर खूब कॉलम लिखे...देखता हूं आज मेरा ही मामला भाई लोगों ने दुरुस्त कर दिया...खैर, कर भला तो हो भला...कभी मैंने भी कुछ गड़बड़ की होगी, जो झेल रहा हूं. वैसे चाहूं तो ये सारी गंदगी डिलीट कर फिर आरकुट पर ज़िंदा रह सकता हूं. गंदगी तो डिलीट भी कर रहा हूं, लेकिन अब इस एकाउंट पर कभी नहीं आऊंगा...किसलिए काजल की कोठरी में घुसूं...ठीक कह रहा हूं ना...इसका जवाब मुझे फेसबुक पर ही दीजिएगा...
(एक बात और...सावधान रहें...हैकर तेज़ी से काम कर रहे हैं...आप भी हो सकते हैं शिकार...इसलिए आरकुट का पासवर्ड बचाकर रखें।)

4 टिप्‍पणियां:

वेद रत्न शुक्ल ने कहा…

वैसे तो चंडी गुरू आजकल साधु वाला भेष बनाए हैं। जब से टीवी में गए हैं जाने क्यों सधुआ से गए हैं। फिर भी लोग उनको नहीं छोड़ रहे सेक्स-फेक्स के चक्कर में घसीटे दे रहे हैं। मुरहों1 की कमी थोड़े ही है चंडी गुरू।
1 मुरहा(अवधी का शब्द)- पाजी, शरारती, बदमाश

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

आरकुट से रहें सावधान
हम तो यही कहेंगे।

अनिल कान्त : ने कहा…

सावधान सावधान ...सावधान

Meri Kalam - Meri Abhivyakti

चण्डीदत्त शुक्ल ने कहा…

अंशु और टिप्पणीकार साथियों...धन्यवाद...मेरी व्यथा समझते हुए ये कथा पढ़ने के लिए. वैसे अंशु जो ने जो चिट्ठी अपने ब्लॉग पर छापी है, वो मेरे प्रोफाइल पर तथाकथित शेफाली का कब्जा होने के दस-पांच दिन पहले की है, यानी वो ब्राजीलवासी किसी महिला के कब्जे की कथा है. उस बार तो मैंने प्रोफाइल एडिट कर दी थी, लेकिन चंद रोज ही बीते नहीं कि बरबाद-ए-कारवां हो गया. नई कब्जेदारी की मुझे सूचना भी अंशु के ज़रिए ही मिली, जो किसी शेफाली की थी. दुर्दशा की ज़िम्मेदारी मेरी ही है. पिछली बार ही प्रोफाइल डिलीट कर देता तो ये हाल क्यूं होता. ख़ैर, अब ख़बर ये है कि आरकुट ने खुद ही ये प्रोफाइल डिलीट कर दी है. कहते हैं कुत्ते की पूंछ कभी सीधी नहीं होती, सो आरकुट पर फिर प्रोफाइल ज़रूर बनाऊंगा, बाकी जो होगा, देखा जाएगा. मज़ेदार ढंग से हमारा रुतबा भी बढ़ गया है, चुनांचे पहले लोग उसे स्टेटस वाला मानते थे, जिसके घर इनकम टैक्स वालों का छापा पड़ जाए, ऐसे ही वर्चुअल वर्ल्ड में उसकी धमक सुनी जाती है, जिसका प्रोफाइल डिलीट कर दिया जाए. हमने कुछ करे धरे बगैर ये स्टेटस हासिल कर लिया है, इसलिए गदगद हुए जा रहे हैं. आप लोग फेसबुक पर ज़रूर मुझसे जु़ड़िए और अगर आरकुट पर मिलना है, तो तब तक इंतज़ार करिए, जब तक मैं फिर से प्रोफाइल बनाकर अपनी दुर्दशा का इंतज़ार करने लायक हिम्मत जुटा लूं. कहिए, कैसी लग रही है मेरी बरबादी कथा...

आशीष कुमार 'अंशु'

आशीष कुमार 'अंशु'
वंदे मातरम