शुक्रवार, 15 मई 2009

कहो जी कहो-मिन्ट या मिनट


पिछले दिनों पूसा (दिल्ली) जाना हुआ. उसके इन्द्रपुरी वाले प्रवेश द्वार से अन्दर जाने के दौरान गेट के पास ही किसी श्रीमान ९९११६६२६१५ का यह विज्ञापन नजर आ गया. विज्ञापन तो विज्ञापन लायक ही था लेकिन चक्कर भाई जान 'मिन्ट' का रहा. तो एक 'मिन्ट' का टाइम खोटा करके आप यह 'मिन्ट' का चक्कर एक मिनट देख ही लीजिए.

2 टिप्‍पणियां:

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

अब भइया हिन्दी वालों को हिन्दी कौन सिखाये?
आप सिखाओ तो कहा जायेगा ‘‘हमें हिन्दी मती सिखाओ।’’

रंजन ने कहा…

भई जल्दी में था. एक डन्डी भुल गया..:)

आशीष कुमार 'अंशु'

आशीष कुमार 'अंशु'
वंदे मातरम