गुरुवार, 25 मार्च 2010

धुम्रपान निषेध हेतु अदभुत विज्ञापन


यह विज्ञापन चंडीदत्त भाई साहब ने उपलब्ध कराया है
जो ना जाने चैटिंग के दौरान 'चंडी' से 'चांदी' कैसे हो गए?

3 टिप्‍पणियां:

कृष्ण मुरारी प्रसाद ने कहा…

चांदी ही ठीक है..........
.............
यह पोस्ट केवल सफल ब्लॉगर ही पढ़ें...नए ब्लॉगर को यह धरोहर बाद में काम आएगा...
http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/03/blog-post_25.html
लड्डू बोलता है ....इंजीनियर के दिल से....

M VERMA ने कहा…

जोरदार
असरदार

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

विज्ञापन तो शानदार है।

आशीष कुमार 'अंशु'

आशीष कुमार 'अंशु'
वंदे मातरम