सोमवार, 5 जनवरी 2009

बुद्ध की नगरी - कृपया सख्ती

बुद्ध की नगरी गया जाना हुआ. वही एक मन्दिर में यह सूचना पढ़ने को मिली. 'कृपया शोरगुल करना सख्त मना है'. अब भाई जान (सूचना लिखने वाले) सख्त ही करना था तो कृपया क्यों लिखा ?

3 टिप्‍पणियां:

मुसाफिर जाट ने कहा…

बढ़िया जी बढ़िया

अशोक पाण्डेय ने कहा…

शायद सूचना लेखक चाहता है कि पढ़नेवाले अनुनय और सख्‍ती के बीच का कोई अर्थ निकाल लें...भगवान बुद्ध ने भी तो मध्‍यम मार्ग का अनुसरण करने को कहा था :)

पा.ना. सुब्रमणियन ने कहा…

सख्ती भी नर्मी से !

आशीष कुमार 'अंशु'

आशीष कुमार 'अंशु'
वंदे मातरम