मंगलवार, 29 सितंबर 2009

क्या इस तस्वीर पर कुछ कहेंगे आप


भगवान शिव की जटाओं में गंगा माँ नहीं, एक सूरा सुंदरी है.

10 टिप्‍पणियां:

आशीष कुमार 'अंशु' ने कहा…

इसे प्रकाशित किया गया है _
इंडिया टूडे स्पाइस के अक्टूबर २००९ अंक में
पृष्ठ संख्या - ९२

shashisinghal ने कहा…

आशीष जी , वाकई तस्वीर तो ऎसा ही कुछ कह रही है ।
अरे भई मॉर्डन जमाना है यहां कुछ भी हो सकता है ।

pankaj vyas ने कहा…

aapne tasvir prastut karke bahot kucha kaha diya hai...

जी.के. अवधिया ने कहा…

इसे गंगा माता का सम्मान समझा जाए या अपमान?

Mithilesh dubey ने कहा…

क्या कहा जाये, ऐसा फोटो बनाने वालो को दण्डिंत किया जाना चाहिये।

ab inconvinienti ने कहा…

इतना भद्दा तो नहीं है की कोई भड़के, नज़रंदाज़ किया जा सकता है. इतनी छोटी छोटी बातों से हिन्दू नहीं भड़कते.

महफूज़ अली ने कहा…

nahi yeh modern zamana nahi hai.......... yeh galat hai........


Aadarniya Awadhiya ji se sahmat hoon.......

निशांत ने कहा…

"ए गनपत! चल दारू ला!"

यह सुनकर हिन्दू नहीं बिदकते. सोच के देखें यदि उपरोक्त पंक्ति में हिन्दू से इतर कोई अवतार या मसीहा का नाम लिया जाये तो क्या होगा!

ऋतेश पाठक ने कहा…

aisi behuda harkat karne valon ko ap promot kyon kar rahe hain? marketing me commission mila hai kya?

Amit Bhatnagar ने कहा…

मानो तो गंगा माँ हुँ, ना मानो तो बहता पानी.

आशीष कुमार 'अंशु'

आशीष कुमार 'अंशु'
वंदे मातरम