शुक्रवार, 19 मार्च 2010

एक कलाकार मक्खी मार की कलाकारी

मक्खी सिर्फ मारे जाने के काम नहीं आता_ समझे नहीं, आप तो सोच रहे होंगे.
मक्खी मारने में रचनात्मक क्या है, यहाँ प्रस्तुत है एक कलाकार मक्खी मार की कलाकारी.
यह तस्वीर युवा पत्रकार पूनम ने उपलब्ध कराई हैं.










4 टिप्‍पणियां:

Amitraghat ने कहा…

अरे वाह..! गज़ब ... मज़ा आ गया.... पर ये किया कैसे?
amitraghat.blogspot.com

कुमार अम्बुजेश ने कहा…

भई वाह मक्खी मारने में भी रचनात्मकता का समावेश हो सकता है यह पहली बार देख रहा हूं। वाकई अब समय आ गया है कि कहावतों के मायने बदल दिये जाये क्योंकि ..इतनी 'दुर्दान्त और भीषण' किस्म की कलाकारी करने वाले कलाकारों का समय आ गया है ..यों भी आजकल बड़े बड़े लोग मक्खी ही मार रहे हैं शेर का शिकार करने का वक्त जो चला गया .....

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

ये तो बहुत ही जबरदस्त है. :)

चक्रेश सूर्या "सूफी" ने कहा…

laajawab

आशीष कुमार 'अंशु'

आशीष कुमार 'अंशु'
वंदे मातरम