प्रसिद्ध चिट्ठाकार और हिंदी सेवी कविता वाचकनवी को एक दुर्घटना में गहरी चोट आई है, जिससे उनके दाहिने पैर की टखने की हड्डी टूट गई है. इस समय वह लन्दन में बेड रेस्ट पर हैं. उन्हें चलने के लिए बैसाखी का सहारा लेना पड़ रहा है. घटना १६ तारीख की है, जब वे एक झील पर टहलने गई थी और ठोकर लगाने से दुर्घटना ग्रस्त हुई. आज उनके पाँव पर छह सप्ताह के लिए प्लास्टर चढ़ जाएगा. इस वजह से अगले दो-तीन सप्ताह तक कविता जी की इंटरनेट पर सक्रियता कम ही रहेगी. इससे उनके समूह हिंदी भारत की गतिविधियाँ भी बाधित रहेगी.
आप चाहें तो कविता जी से ई - मेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं:-
Dr. Kavita Vachaknavee

